विज्ञान : वरदान या अभिशाप | विज्ञान के चमत्कार [Wonder of Science Essay in Hindi]

Vigyan ke Chamatkar, विज्ञान: वरदान या अभिशाप पर निबंध, Essay on Wonder of Science in Hindi.

विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार निबंध (Wonder of Science Essay in Hindi)

इससे सम्बन्धित अन्य शीर्षक

विज्ञान और मानव जीवन
अथवा
विज्ञान के बढ़ते चरण
अथवा
विज्ञान की देन
अथवा
भारत की वैज्ञानिक प्रगति
अथवा
विज्ञान की विकास-यात्रा

विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार निबंध (Wonder of Science Essay in Hindi)
विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार निबंध (Wonder of Science Essay in Hindi)

“सावधान मनुष्य यदि विज्ञान है तलवार,
तो उसे दे फेंक तज कर मोह स्मृति के पार।
खेल सकता तू नहीं ले हाथ में तलवार;
काट लेगा अंग तीखी है बढ़िया आधार।।”

[विस्तृत रूपरेखा – (1) प्रस्तावना, (2) विज्ञान की देन, (3) चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की देन, (4) कृषि के क्षेत्र में, (5) मनोरंजन के साधन, (6) संचार के क्षेत्र में, (7) अभिशाप, उपसंहार ।]

प्रस्तावना-

जब हम किसी वस्तु विशेष के एक पक्ष को देखते हैं तो वह हमें किसी वरदान की तरह बहुत अच्छा दिखाई देता है लेकिन जब उसके दूसरे पक्ष को देखते हैं तो उसमें अभिशाप की काली छाया मँडराती रहती है। जब हम किसी वस्तु को प्रयोग की कसौटी पर कसते हैं तभी उसके स्वरूप का यथार्थ ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। वैसे विष प्राण घातक होता है, लेकिन जब कोई चिकित्सक उसका शोधन करके औषधि के रूप में प्रयोग करता है तब वही विष प्राण दायक संजीवनी का काम करता है। इस प्रकार हम विष पर दोषारोपण नहीं कर सकते हैं। ज्ञान का प्रयोग ही उसके परिणाम का उद्घोषक होता है। विज्ञान को भी हम एक विशिष्ट विज्ञान के अन्तर्गत स्वीकारते हैं। यह तो पूर्णतः हमारे ऊपर निर्भर है कि चाहे हम विज्ञान को विनाशकारी रूप दें अथवा मंगलकारी रूप प्रदान करें।

विज्ञान की देन –

विज्ञान ने मानव को जो सुख, मनोरंजन तथा अन्य साधन प्रदत्त किए हैं वे अनगिनत हैं। गर्मी एवं सर्दी दोनों पर विज्ञान का आधिपत्य है। आज ग्रीष्म ऋतु में शीत तथा शीत ऋतु में गर्मी का भरपूर आनन्द लिया जा सकता है। रेल, वायुयान, स्कूटर, मोटर कार तथा अन्य वाहनों के फलस्वरूप यात्रा बहुत ही सुगम तथा आरामदायक हो गयी है।

चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की देन –

आज चिकित्सा के क्षेत्र में भी विज्ञान का बहुत अधिक योगदान है। शल्य चिकित्सा, एक्स-रे तथा हृदय प्रत्यारोपण इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। प्लास्टिक सर्जरी एवं कृत्रिम अंगों का प्रत्यारोपण भी आज सफलतापूर्वक किया जा रहा है। असाध्य रोगों पर विज्ञान द्वारा आविष्कृत औषधियाँ मानव को नया जीवन प्रदान कर रही हैं।

Read this: वायु प्रदूषण पर निबंध

कृषि के क्षेत्र में –

कृषि के क्षेत्र में भी विज्ञान ने नवीनतम आविष्कारों के माध्यम से कृषकों में एक नवीन आशा तथा उत्साह का संचार किया है। विभिन्न प्रकार की रासायनिक खादों से खेतों में भरपूर मात्रा में अनाज की पैदावार हो रही है। थ्रेसर, ट्रैक्टर आदि यन्त्रों के माध्यम से खेतों में जुताई, बोआई, कटाई सुविधापूर्वक एवं कम समय में सम्पन्न हो रही है।

मनोरंजन के साधन-

विज्ञान ने मानव को प्रचुर मात्रा में मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध कराये हैं। सिनेमा, रेडियो, टेलीविजन एवं मोबाइल जैसे मनोरंजन के सुलभ तथा मनभावन साधन हैं। यदि कोई उदास एवं चिन्ताग्रस्त हैं तो सिनेमा हॉल में तीन घण्टे बैठकर चिन्ताओं से मुक्त हो सकते हैं। दूरदर्शन के माध्यम से यह आनन्द सपरिवार घर पर कमरे में ही बैठकर भी लिया जा सकता है। साथ ही विश्व में घटित होने वाली घटनाओं को भी लाइव देख सकते हैं।

संचार के क्षेत्र में-

सबसे अधिक संचार के क्षेत्र में विज्ञान के द्वारा क्रान्ति आई है। यह विज्ञान का चमत्कार ही है कि आज हम हजारों किलोमीटर दूर बैठे व्यक्ति से उसके आँखों से देखते हुए बातें कर सकते हैं। पलक झपकते ही किसी भी आवश्यक पत्र अथवा कागजातों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरित किया जा सकता है।

अभिशाप –

हर वस्तु के दो पहलू होते हैं। एक ओर जहाँ उसमें वरदानों का जाल बिछा होता है, वहीं दूसरी ओर अभिशापों की काली छाया भी मँडराती है। विज्ञान द्वारा आविष्कृत, अभिशाप के साधन अनगिनत हैं। उनका दुरुपयोग किया जाए तो मानव सभ्यता एवं संस्कृति धराशायी हो जायेगी। जापान के हिरोशिमा एवं नागासाकी नगर इसके ज्वलन्त प्रमाण हैं।

हाइड्रोजन बम, एटम बम, न्यूट्रॉन बम अलमारी में सजाने के लिए नहीं बनाये गये हैं, निश्चित रूप से इनका विस्फोट होगा। विषैली गैसें वातावरण को दूषित बना रही हैं और प्रदूषण तथा शोरगुल भी कहीं अधिक बढ़ा है। विज्ञान ने मानव के सुख-साधनों में वृद्धि की है, फलतः आज का मानव विलासप्रिय हो गया है।

Read this: जल प्रदूषण पर निबंध 1500 शब्दों में

उपसंहार / निष्कर्ष –

विज्ञान स्वयं में कोई शक्ति नहीं है। वह तो केवल मानव के हाथ में आकर ही शक्ति प्राप्त करता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि विज्ञान वरदान या अभिशाप कुछ न होकर मानव के उपयोग पर ही पूर्णतः आधारित है। विज्ञान पर दोषारोपण करना उसी प्रकार निरर्थक है जिस प्रकार चलनी में दूध दुहना तथा कर्मों को दोष देना है। भगवान मानव को सद्बुद्धि प्रदान करें जिससे वह विज्ञान को मानव के कल्याण के लिए प्रयुक्त करें। विज्ञान का कल्याण मय स्वरूप विश्व के कल्याण के लिए है और विनाशमय स्वरूप विनाश के लिए। अतः विश्व कल्याण के लिए ही विज्ञान का प्रयोग किया जाना चाहिए।

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध 150 शब्द में (Vigyan ke Chamatkar)

  • प्रकृति में उपस्थित वस्तुओं के क्रमबद्ध अध्ययन से प्राप्त ज्ञान को विज्ञान कहते हैं।
  • विज्ञान के अनेक ऐसे आविष्कार हैं, जो हमारे जीवन को सुखद और आसान बनाते हैं।
  • विज्ञान का हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है।
  • यह हमें घटना के पीछे के कारण तथा परिणामों से अवगत कराते हैं।
  • विज्ञान के लाभ तथा हानि दोनों ही व्यक्ति और पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
  • विज्ञान के मदद से हम सभी क्षेत्रों में तेजी से उन्नति कर रहे हैं।
  • मानव जाति को विज्ञान के उपहार के रूप में अनेक सुविधाएं प्राप्त हैं ।
  • आज का मानव विज्ञान पर बहुत अधिक निर्भर हो चुका है।
  • आधुनिक युग, विज्ञान का युग है, यह कहना बिल्कुल सही है।
  • विज्ञान के अद्भुत आविष्कार किसी चमत्कार से कम नहीं हैं।

यह निबंध भी पढ़ें –

विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार निबंध (Vigyan ke Chamatkar Essay)
विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार निबंध (Vigyan ke Chamatkar Essay)

FAQs

Q: विज्ञान एक अभिशाप है कैसे?

Ans: मानव जाति विज्ञान की मदद से आज दिन प्रतिदिन तरक्की कर रहाँ है और होड़ में प्रकृति को भी भारी नुकसान पहुचा रहाँ है। औद्योगीकरण के लिए लगातार पेड़ो की कटाई करता जा रहा है। और इधर अपनी सुख सुविधाओं के लिए विभिन्न प्रकार के यातायात के साधनों के प्रयोग भी कर रहा है। जिससे वातावरण बहुत ज्यादा प्रदूषित हो रहा है। आज मानव जरूरत से ज्यादा विज्ञान के साधनों पर निर्भर हो गया है। जिसकी आदत मनुष्य को कमजोर बना रही है। यदि इन साधनों का सभी से उपयोग न किया गया तो विज्ञान एक अभिशाप साबित हो जाएगा।

Q: विज्ञान के चमत्कार पर निबंध कैसे लिखें?

Ans: विज्ञान के चमत्कार पर निबंध लिखने के लिए आप उन सभी टेक्नोंलॉजी के बारे में लिख सकते हैं जिसके मदद आपका जीवन आसान हुआ है। आपके आस-पास जितने उपकरण हैं जैसे टीवी, मोबाइल, मोटर कार, कंप्यूटर, फ्रिज, कूलर, एयर कंडीशनर आदि सभी विज्ञान के चमत्कार ही तो हैं। आप लिख सकते हैं विज्ञान का किस किस क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। विज्ञान ने मानव सभ्यता को किस तरह से बदल दिया है। और इसके क्या लाभ और हानि है।

उम्मीद करता हूँ की यह निबंध विज्ञान : वरदान या अभिशाप या विज्ञान के चमत्कार (Wonder of Science Essay in Hindi) आपके लिए उपयोगी रहा होगा। और भी इसी प्रकार की उपयोगी, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक जानकारी हिंदी में पढ़ने के लिए Hindi Read Duniya को सबस्क्राइब जरूर करें। निबंध को पूरा पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद!

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.