गर्मी और सर्दी क्यों होती है? | जानिए गर्मी से बचने के उपाय

गर्मी और सर्दी क्यों होती है? गर्मी से बचने के उपाय (Garmi se bachne ke upay) लू क्या है इससे कैसे बचे? गर्मी में कितना पानी पिए?

गर्मी क्यों पड़ती है? क्या आपके मन में भी यह सवाल कभी आया है, कि गर्मी और सर्दी क्यों होती है? जैसे कि गर्मी का मौसम आ गया है और ऐसे में अगर दोपहर में बाहर कही जाना हो तो भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। तथा लू लगने का भी ख़तरा बना रहता है। ऐसे में गर्मी से कैसे बचे? इस लेख में जानेंगे गर्मी से बचने के उपाय (Garmi se bachne ke upay)

गर्मी और सर्दी क्यों होती है? Garmi aur sardi kyo hoti hai?

पृथ्वी अपनी धुरी पर 23½° झुकी हुई है जिसके कारण यहाँ ऋितु परिवर्तन होता है। पृथ्वी जब सूर्य की परिक्रमा करती है तो थोड़ी सी झुकी होने के कारण सूर्य की किरणें कुछ स्थानों पर सीधी और कुछ स्थानों पर तिरछी पड़ती है जिसके कारण मौसम (Weather) बदलते रहते है। जिन जगहों पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं वहा का मौसम गर्म होता है और जहाँ पर सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती है वहा का मौसम ठंडा या नम होता है। यह प्रक्रिया हर साल चलती रहती है। जिससे साल भर में सर्दी, गर्मी और बारिश का मौसम आता है।

गर्मी से बचने के उपाय – Garmi se bachne ke upay

15 मार्च से 15 जून तक गर्मी का मौसम रहता है और इस बीच हमें भयंकर गर्मी से जूझना पड़ता और ऐसे में अपने आप को गर्मी से बचाना बेहद जरूरी हो जाता है। यहाँ पर हम कुछ गरमी से बचने के उपाय शेयर कर रहे हैं जो आपको ज़रूर फॉलो करना चाहिए –

गर्मी से बचने के उपाय - Garmi se bachne ke upay
गर्मी से बचने के उपाय – Garmi se bachne ke upay

धूप में निकलने से बचे :

दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। धूप में बाहर निकलना जरूरी हो तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल ज़रूर करें। इसके अलावा टैनिंग और सन बर्न से बचने के लिए छाता, टोपी, गीला तौलिया और ठंडा पानी साथ लेकर ही निकले।

गर्मियों में ज्यादा तेल मसाले वाले भोजन से बचे :

बाहर का तला-भुना और खुले में बनाया जा रहा कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से बचे। इस मौसम में दूषित खाने या पानी से बीमारी होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है।

तरल पदार्थों का इस्तेमाल ज्यादा करें :

गर्मी में जितना ज्यादा हो सके तरल पदार्थ जैसे नीबू पानी का प्रयोग करें। मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूज, आम, खीरा, ककड़ी आदि का सेवन जरूर करें। हालांकि इनके सेवन के साथ भी कुछ सावधानियां जुड़ी हैं, जिनका ध्यान रखना भी जरूरी है।

शरीर में पानी की कमी न होने दें :

एक दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। साथ ही छाछ, लस्सी, कच्चे आम का पना, बेल का शरबत या सत्तू का का सेवन गर्मी के मौसम में बहुत फायदेमंद साबित होता है।

फुल स्लीव के ढीले-ढाले कपड़े पहनें :

गर्मी में ढीले और पूरी बाजू के कॉटन या नॉयलॉन के हल्के रंगों का कपड़ा पहनना अच्छा रहता है। ऐसे कपड़े सूरज के प्रकोप से बचाने के साथ ही पसीना सोखने में भी मदद करते हैं। गर्मी में गाढ़े रंग के कपड़े जल्दी गर्म हो जाते हैं इसलिए इनसे बचना चाहिए। गर्मी में आंखों को धूप से बचाने के लिए Sunglasses का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

कभी भी धूप में नंगे पाँव न चलें इससे पाँव में छाले पड़ सकते है।

गर्मी में खाने वाली सब्जियां

  • टमाटर (Tomato)
  • बैंगन (Brinjal)
  • तोरई (Ridge Gourd)
  • कद्दू (Pumpkin)
  • लौकी (Bottle Gourd)
  • पालक (Spinach)

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लू क्या है? लू लगने पर क्या होता है?

गर्मियों में चलने वाली प्रचण्ड उष्ण तथा शुष्क हवाओं को लू कहते हैं। इस तरह की हवाएँ मई तथा जून में चलती है। गर्मियों के इस मौसम में लू चलना आम बात है। और जब कोई इस समय दोपहर में बाहर निकलता है उसे लू लग जाता है। लू लगने का प्रमुख कारण शरीर में नमक और पानी की कमी होना है। पसीने के जरिए नमक और पानी का बड़ा हिस्सा शरीर से निकल कर खून की गर्मी को बढ़ा देता है।

लू लगने के लक्षण और उपाय

  • लू लगने पर सिर में दर्द व भारीपन महसूस होने लगता है।
  • त्वचा लाल पड़ने लगती है।
  • लू लगने पर नाड़ी काफी तेज़ चलती हैं।
  • ऐसा लगता है जैसे शरीर टूट रहा हो।
  • अचानक से काफी तेज बुखार आ जाता है।
  • आंखों में जलन महसूस होती है तथा पानी आता है।
  • अधिक परीना आता है और जी-मिचलाता है।

लू लगने के घरेलू उपचार क्या हैं?

  • बुखार तेज होने पर रोगी को ठंडी खुली हवा में आराम करवाना चाहिए।
  • प्यास बुझाने के लिए मिट्टी के घड़े अथवा सुराही के पानी में नींबू का रस मिलाकर सेवन कराना चाहिए।
  • रोगी के शरीर को दिन में 4-5 बार गीले कपड़े से पोंछना चाहिए।
  • चाय-कॉफी जैसे गर्म पेय का सेवन कम करना चाहिए।
  • जौ का आटा व पिसा हुआ प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करने से लू से तुरंत राहत मिलती है।
  • बैर की हरी पत्ती को पीसकर उसका शरीर पर लेप लगाने से भी लू से राहत मिलती है।

लू से बचने के उपाय

  • लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर धूप में नहीं निकलने से बचे। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर व गर्दन को तौलिए या अंगोछे से ढँके रहना चाहिए। अंगोछा इस तरह बांधें कि दोनों कान भी पूरी तरह ढँके रहें।
  • गर्मी के दिनों में हल्का व शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए। बाहर जाते समय कभी भी खाली पेट नहीं जाना चाहिए।
  • गर्मी के दिनो में नरम, मुलायम, सूती कपड़े पहनना चाहिए जिससे हवा और कपड़े शरीर के पसीने को सोखते रहते हैं।
  • गर्मी में ठंडी चीजों का सेवन नियमित करना चाहिए। मौसमी फलो का सेवन भी लाभदायक रहता है जैसे, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, खीरा इत्यादि।
  • गर्मी के दिनों में प्याज का सेवन अधिक करना चाहिए।
  • गर्मी के दिनों में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न होने पाए। पानी में नींबू व नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीते रहने से लू नहीं लगती।

गर्मी में पानी कितना पीना चाहिए

गर्मी में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए एक सामान्य व्यक्ति को गर्मी में 1 दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए।

नोट :- सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नही है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श लें। हिंदी रीड दुनिया इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQ

1 दिन में कितने गिलास पानी पीना चाहिए?

एक दिन में कम से कम 8 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए। उम्र और शरीर के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकता है।

क्या लू से मौत हो सकती है?

शरीर का सामान्य तापमान 37° सेल्शियस होता है। और इस तापमान पर ही हमारे अंग सही तरह से कार्य कर पाते हैं। लेकिन जब गर्म हवा और लू की वजह से शरीर का तापमान सामान्य से बहुत ज्यादा हो जाता है तो शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद कर देते हैं। इस वजह से लोगों की मौत भी हो जाती है।

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