आकाश पर निबंध इन हिंदी | आसमान कैसे बना

जब भी हम उपर की ओर देखते हैं तो हमें आकाश दिखाई देता है। और यह दिन में तो नीला दिखाई देता है और जैसे ही रात होती है तो यह काला हो जाता है। और इन काले आसमान पर खूबसूरत तारे टिमटिमाते हुए नजर आते हैं। पर क्या आपको पता है असल में तो आसमान का कोई रंग ही नही होता है। आज हम ऐसे मनोरंजक बातों के साथ आकाश पर निबंध इन हिंदी में शेयर कर रहे हैं।

आकाश पर निबंध इन हिंदी – aakash par nibandh in hindi

आकाश / आसमान क्या है?

पृथ्वी के चारों ओर घेरे हुआ गोलाकार गुंबज को ही आकाश या आसमान कहा जाता है। जबकि आकाश कुछ भी नही है यह बिल्कुल नगन्य है, अर्थात यहाँ न हवा-पानी है और न ही रोशनी।

आसमान कैसे बना?

आसमान कैसे बना है इस पर अभी तक कुछ भी पता नही चल पाया है। परन्तु ऐसा माना जाता है कि आसमान का ना तो निर्माण हुआ है और ना ही इसका कोई अंत है। यह अनंत है। पृथ्वी जैसे ग्रहों और चंद्रमा जैसे उपग्रहो का निर्माण कैसे हुआ इसकी खोज तो की जा चुकी है। पर आसमान के बारे में कोई जानकारी नही है।

आकाश को कितने नामो से जाना जाता है?

आकाश को कई नामो से जाना जाता है, जैसे – आसमान, अंबर, व्योम, नभ, निलाम्बर, गगन, अंतरिक्ष, ब्रह्माण्ड और अंग्रेजी में इसे Sky (स्काई) के नाम से जाना जाता है। आकाश का विलोम शब्द पाताल होता है, जबकि आसमान का विलोम शब्द ज़मीन होता है।

आकाश में क्या क्या परिवर्तन होता है?

आकाश में हमें समय-समय पर कई प्रकार के परिवर्तन देखने को मिलते रहते है। जैसे दिन के समय में आकाश नीले रंग का दिखाई देता है, तो वही रात के समय में काला दिखाई देने लगता है। दिन में सूर्य और पक्षी आकाश में देखने को मिलते हैं, तथा रात होते ही आकाश में चाँद और तारे दिखाई देने लगते हैं। ऐसे सुन्दर दृश्य को देख कर मन प्रसन्न हो जाता है।

वही बरसात के दिनो में हमें आसमान में बादल भी देखने को मिलते है। और ये बादल कभी सफेद तो कभी काले-नीले और कभी लाल-पीले रंगों के दिखाई देते है। बरसात के दिनो में कभी-कभी इंद्रधनुष भी आसमान में दिखाई देते है। जो कि आसमान की सुन्दरता को और भी ज्यादा निखार देता है।

और इस प्रकार हमारे आकाश या आसमान में विभिन्न प्रकार के परिवर्तन होते रहते हैं।

आसमान के नीले रंग का कारण क्या है?

आसमान नीला क्यों दिखाई देता है? आकाश पर निबंध इन हिंदी
आसमान नीला क्यों दिखाई देता है?

जैसा कि आसमान का कोई भी कलर नही होता है फिर भी हमें यह नीले रंग का दिखाई देता है पर ऐसा क्यो होता है। तो इसके पीछे का कारण है सूर्य का प्रकाश, चूकि सूर्य के प्रकाश में सात रंग होता है बैगनी, आसमानी, नीला, हरा, पीला, नारंगी व लाल। इनमें से नीला रंग सबसे ज्यादा फैलता है क्योंकि इनकी तरंग दैर्ध्य सबसे कम होती है। और जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करता है तो धूल कणों से टकरा कर इधर-उधर बिखर जाता है। और नीला रंग को परावर्तित कर देता है। जिससे आसमान नीला दिखाई देता है।

आकाश का महत्व क्या है?

आकाश का हमारे जीवन में बहुत ही बड़ा महत्व है हमारे शरीर के पाँच तत्वों में से एक आकाश ही है। हमारा शरीर आकाश, जल, वायु, मिट्टी और अग्नि इन पाँच तत्व से मिलकर बना है। इसीलिए आकाश के बिना हमारे या किसी के जीवन की कल्पना भी नही की जा सकती है।

इसके अलावा यह समस्त नभमण्डल ही इसी आकाश की गोद में समाया हुआ है। इसकी गोद में हमारे इस आकाशगंगा (सौर्यमंडल) जैसे कई असंख्य आकाशगंगाए समाये हुए हैं।

उपसंहार

आकाश यानी आसमान हम हर रोज देखते हैं और इसमें हमें कई अलग-अलग चीजे देखने को मिलती है। आकाश कभी नीले रंग का हो जाता है तो कभी बादलो से ढक जाता है तो वही रात में चांद सितारों से जगमगाने लगता है। ऐसे मनमोहक आसमान को देखकर कोई भी प्रसन्न व प्रफुल्लित हो सकता है। आसमान हमारे जीवन चक्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। और हमारा आसमान इतना विशाल है कि इसका न तो शुरुआत है और ना ही इसका कोई अंत है।

FAQ

Q. आकाश की कौन सी चीज हमें आकर्षित करती है?
Ans. दिन के समय में आकाश का नीला रंग और काली रात में झिलमिलाते हुए तारे हमें अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

Q. आकाश का पर्यायवाची शब्द क्या है?
Ans. नभ, अम्बर, अनंत, व्योम, निलाम्बर, आसमान, गगन व अंतरिक्ष आकार के पर्यायवाची शब्द हैं।

Q. आकाश का विलोम शब्द क्या है?
Ans. आकाश का विलोम शब्द पाताल है।

Q. आकाश के देवता कौन थे?
Ans. भगवान इंद्र के दिव्य अनुचर।

Q. पृथ्वी से आकाश की दूरी कितनी है?
Ans. कुछ भी नही क्योंकि पृथ्वी ही आकाश में है और आकाश का न शुरूआत है और ना ही अंत है। यह तो अनंत है।

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