Why Facebook is Blue | Facebook का कलर नीला क्यों है?

Why Facebook is Blue | Facebook का कलर नीला क्यों है?

Facebook दुनिया का सबसे बड़ा व सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाना वाला Free Social Media Platform है। Facebook  में लोंग एक दूसरे से Online कनेक्ट रहते हैं, और सभी लोग दुनियाँ भर के लोगों को नए-नए फ्रेन्डस के रूप में असाइन कर सकते हैं। आज तकरीवन फेशवुक को लांच हुए 16 साल हो गया है। धीरे धीरे इसका लगभग सभी इंटरफेस चेंज होता रहता हैं। किन्तु एक चीज कभी नही बदली और वो है Facebook का Blue Colour का इंटरफेस।

Why Facebook is Blue | Facebook का कलर नीला क्यों है?
Why Facebook is Blue

जी हाँ Facebook का कलर कभी नही बदला गया। लेकिन क्या आपको पता है आखिर Facebook ka colour blue kyu hai | Why Facebook is blue. तो दोस्तों आज Facebook के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से जानेंगे।

Facebook ka colour blue kyu hai – फेसबुक का कलर नीला ही क्यों रखा गया?

Facebook का नीला कलर शुरू से ही रखा गया है, क्योंकि Facebook के फाउंडर और CEO मार्क जुकरबर्ग को Colour Blind का प्रोब्लम हैं। जिसके चलते उन्हें ग्रीन और रेड कलर को ठीक से देख नही पाते है। इसलिए Blue colour उनकी आँखों के मुताबिक सबसे ठीक था। और मार्क जुकरबर्ग नीला कलर को आसानी से देख पाते है।

Mark Zuckerberg ने खुद ही इसकी जानकारी न्यूयॉर्क की एक मैग्जीन में दिया था। उन्होंने अपनी आँखों का एक दिन टेस्ट लिया था तो उन्हे पता चला कि लाल और हरे रंग को आसानी से नही देख पा रहे हैं। लेकिन Facebook बनाते समय उन्हे पता नही था कि उनके साथ ऐसी कलर ब्लाइंड की समस्या है। फेसबुक बनने के कुछ साल बाद पता चला था फिर उन्होनें रियलाइज किया कि शायद इसीलिए उन्होंने Facebook को नीला कलर में डिजाइन किया था।

Facebook की शुरुआत कब हुई थी

सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook को 4 फरवरी 2004 को मार्क जुकरबर्ग ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर बनाया था। मार्क जुकरबर्ग Harvard University में अपने दोस्तों ( Eduardo Saverin Andrew McCollum, Dustin Moskovitz, व Chris Hughes ) के साथ पढ़ते थे। मार्क जुकेरबर्ग का जन्म 14 मई 1984 को न्यूयार्क, अमेरिका मे हुआ है।

4 फरवरी 2004 को Mark Zuckerberg ने एक Thefacebook नाम की एक वेबसाइट बनाई थी, शुरु में यह सिर्फ UK की यूनीवर्सिटी तक ही सीमित था और काफी ज्यादा पसंद किया जा रही था। अगस्त 2005 में Thefacebook का नाम बदल कर सिर्फ Facebook कर दिया गया। facebook.com डोमेन को साल 2005 में कंपनी ने अबाउटफेस कार्पोरेशन से $200,000 में खरीदा था। अब इसमें फोटो अपलोड करने का फीचर आ चुका था। इस कारण इसे और ज्यादा पसंद किया जाने लगा। और जल्द ही फेसबुक ने 6 मिलियन यूजर को कवर कर लिया।

इसके बाद सन् 2006 में इसमें दो महत्वपूर्ण फीचर और एड किए गए जिसमें पहला, Facebook को अब Email address के साथ 13 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए इसे ओपेन कर दिया गया। तथा दूसरा इसमें न्यूज फीड एड किया गया। जिससे यह और भी ज्यादा मशहूर हो गया। फेसबुक हिन्दी अंग्रेजी सहित 66 भाषाओं को सपोर्ट करता है।

Facebook किस देश का है

फेसबुक के फाउडर व CEO मार्क जुकेरबर्ग अमेरिका के नागरिक है और इन्होने ही फेसबुक का आविष्कार अमेरिका में ही किया है। इसलिए Facebook अमेरिकन है, लेकिन अब यह मल्टीनेशनल कंपनी बन चुकी है।

फेसबुक इंडिया में कब आया – When Facebook launched in india

26 September 2006 को Facebook को पूरे देश के लिए ओपेन कर दिया गया था। जिसके बाद पूरी दुनिया में काफी तेजी के साथ भारत में भी फेसबुक का दबदबा बन गया और धीरे धीरे इसने दुनिया के सभी इंटरनेट यूजर को अपनी ओर समेट लिया।

फेसबुक का फुल फॉर्म क्या है?

Facebook एक पूरा शब्द है इसलिए इसका कोई भी फुल फॉर्म नही है। लेकिन इसको शॉर्ट में FB जरूर कहा जाता है।

यह भी जानें

How to delete Facebook account permanently

Social media essay in Hindi | Social media advantage and disadvantage