न मौन रहो तुम न मौन रहें हम

देश भक्ति पर कविता, न मौन रहो तुम न मौन रहें हम,
रहै खुशी, न रहे कभी गम।

न मौन रहो तुम न मौन रहें हम,
रहै खुशी, न रहे कभी गम।

भारत माता कहती हैं,
अब अत्याचार न सहती हैं।
सैनिकों के कदम बढ़ते हैं।
भारतमाता के जय करते हैं।।

अब सैनक दिखाएँगे आपना दम,
न मौन रहो तुम न मौन रहें हम……

भारत माता रोती अब,
ये अत्याचार हटेगें कब।
जब हुए हमारे शहीद वीर,
तब निकल पड़े आँखों से नीर।

न होगा हौसला हमारा कम,
न मौन रहो तुम न मौन रहें हम………

जब दुनिया पूछेगी हमसे,
हम क्या जबाब देगें उनसे?
कहाँ है मेरा लाल बार-बार वो मुझसे कहें,
कैसे बताऊँ मैं उनको आब वो इस दुनिया में न रहे।

तुम्हारी आँखें न रहें नम,
न मौन रहो तुम न मौन रहें हम………

हम! अत्याचार हटाएँगें।
दुश्मन को धूल चटाएंगें।
कोशिस रहेगी हमारी मजबूत,
हम हैं भारत माता के सपूत।

दुश्मन होगा हमारे सामने बदम,
न मौन रहो तुम न मौन रहें हम………

हम करेंगे कुछ ऐसा काम,
कि मिट्टी में मिल जाएगा तुम्हारा नाम।
हम उन सैनिकों के रक्त का लेंगे ऐसा बदला,
नश्ट करेगें सभी को चाहे वो हो एक दो या और कोई अगला।

ये धरती हो रही है क्रोध से गरम,
न मौन रहो तुम न मौन रहें हम………

Authorरविप्रकाश सोनी

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